सूरह 37 (कुल 114) · मक्की

सूरह अस-साफ़्फ़ात (क़तार बाँधने वाले)

سُورَةُ الصَّافَّاتِ
182 आयतें

अर्थों का अनुवाद: Azizul Haq Al-Omari, QuranEnc.com, संस्करण 1.1.5। अनुवाद कुरआन के अर्थ बताता है। असल कुरआन अरबी पाठ है।

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
1
وَٱلصَّـٰٓفَّـٰتِ صَفًّۭا
क़सम है पंक्तिबद्ध (फ़रिश्तों) की!
लिंक 37:1
2
فَٱلزَّٰجِرَٰتِ زَجْرًۭا
फिर झिड़क कर डाँटने वालों की!
लिंक 37:2
3
فَٱلتَّـٰلِيَـٰتِ ذِكْرًا
फिर (अल्लाह के) ज़िक्र (वाणी) की तिलावत करने वालों की।[1]
फ़ुटनोट[1] ये तीनों गुण फ़रिश्तों के हैं जो आकाशों में अल्लाह की इबादत के लिए पंक्तिबद्ध रहते तथा बादलों को हाँकते और अल्लाह के स्मरण जैसे क़ुरआन तथा नमाज़ पढ़ने और उसकी पवित्रता का गान करने इत्यादि में लगे रहते हैं।
लिंक 37:3
4
إِنَّ إِلَـٰهَكُمْ لَوَٰحِدٌۭ
निःसंदेह तुम्हारा पूज्य निश्चय एक ही है।
लिंक 37:4
5
رَّبُّ ٱلسَّمَـٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ وَمَا بَيْنَهُمَا وَرَبُّ ٱلْمَشَـٰرِقِ
जो आकाशों और धरती का तथा उन दोनों के बीच की समस्त चीज़ों का स्वामी है और सूर्य के उदय होने के सभी स्थानों का मालिक है।
लिंक 37:5
6
إِنَّا زَيَّنَّا ٱلسَّمَآءَ ٱلدُّنْيَا بِزِينَةٍ ٱلْكَوَاكِبِ
निःसंदेह हमने संसार के आकाश को एक सुंदर शृंगार के साथ सुशोभित किया है, जो सितारे हैं।
लिंक 37:6
7
وَحِفْظًۭا مِّن كُلِّ شَيْطَـٰنٍۢ مَّارِدٍۢ
और प्रत्येक सरकश शैतान से सुरक्षित करने के लिए।
लिंक 37:7
8
لَّا يَسَّمَّعُونَ إِلَى ٱلْمَلَإِ ٱلْأَعْلَىٰ وَيُقْذَفُونَ مِن كُلِّ جَانِبٍۢ
वे सर्वोच्च सभा (मला-ए-आ'ला) के फ़रिश्तों की बात नहीं सुन सकते, तथा वे हर ओर से (उल्काओं से) मारे जाते हैं।
लिंक 37:8
9
دُحُورًۭا ۖ وَلَهُمْ عَذَابٌۭ وَاصِبٌ
भगाने के लिए। तथा उनके लिए स्थायी यातना है।
लिंक 37:9
10
إِلَّا مَنْ خَطِفَ ٱلْخَطْفَةَ فَأَتْبَعَهُۥ شِهَابٌۭ ثَاقِبٌۭ
परंतु जो कोई (शैतान फरिश्तों की किसी बात को) अचानक उचक ले जाए, तो एक दहकता हुआ अंगारा (उल्का)[2] उसका पीछा करता है।
फ़ुटनोट[2] फिर यदि उससे बचा रह जाए तो आकाश की बात अपने नीचे के शैतानों तक पहुँचाता है और वे उसे काहिनों तथा ज्योतिषियों को बताते हैं। फिर वे उसमें सौ झूठ मिलाकर लोगों को बताते हैं। (सह़ीह़ बुख़ारी : 6213, सह़ीह़ मुस्लिम : 2228)
लिंक 37:10
11
فَٱسْتَفْتِهِمْ أَهُمْ أَشَدُّ خَلْقًا أَم مَّنْ خَلَقْنَآ ۚ إِنَّا خَلَقْنَـٰهُم مِّن طِينٍۢ لَّازِبٍۭ
तो आप इन (काफ़िरों) से पूछें कि क्या इन्हें पैदा करना अधिक कठिन है या उनका जिन्हें[3] हम पैदा कर चुके? निःसंदेह हमने उन्हें[4] एक लेसदार मिट्टी से पैदा किया है।
फ़ुटनोट[3] अर्थात फ़रिश्तों तथा आकाशों को। [4] अर्थात् उनके पिता आदम (अलैहिस्सलाम) को।
लिंक 37:11
12
بَلْ عَجِبْتَ وَيَسْخَرُونَ
बल्कि आपने आश्चर्य किया और वे उपहास करते हैं।
लिंक 37:12
13
وَإِذَا ذُكِّرُوا۟ لَا يَذْكُرُونَ
और जब उन्हें नसीहत की जाए, तो वे क़बूल नहीं करते।
लिंक 37:13
14
وَإِذَا رَأَوْا۟ ءَايَةًۭ يَسْتَسْخِرُونَ
और जब वे कोई निशानी देखते हैं, तो खूब उपहास करते हैं।
लिंक 37:14
15
وَقَالُوٓا۟ إِنْ هَـٰذَآ إِلَّا سِحْرٌۭ مُّبِينٌ
तथा कहते हैं कि यह तो मात्र खुला जादू है।
लिंक 37:15
16
أَءِذَا مِتْنَا وَكُنَّا تُرَابًۭا وَعِظَـٰمًا أَءِنَّا لَمَبْعُوثُونَ
क्या जब हम मर गए और मिट्टी तथा हड्डियाँ हो चुके, तो क्या सचमुच हम अवश्य उठाए जाने वाले हैं?
लिंक 37:16
17
أَوَءَابَآؤُنَا ٱلْأَوَّلُونَ
और क्या हमारे पहले बाप-दादा भी (उठाए जाएँगे)?
लिंक 37:17
18
قُلْ نَعَمْ وَأَنتُمْ دَٰخِرُونَ
आप कह दीजिए : हाँ! तथा तुम अपमानित (भी) होगे!
लिंक 37:18
19
فَإِنَّمَا هِىَ زَجْرَةٌۭ وَٰحِدَةٌۭ فَإِذَا هُمْ يَنظُرُونَ
वह बस एक ही झिड़की होगी, तो एकाएक वे देख रहे होंगे।
लिंक 37:19
20
وَقَالُوا۟ يَـٰوَيْلَنَا هَـٰذَا يَوْمُ ٱلدِّينِ
तथा वे कहेंगे : हाय हमारा विनाश! यह तो बदले का दिन है।
लिंक 37:20
21
هَـٰذَا يَوْمُ ٱلْفَصْلِ ٱلَّذِى كُنتُم بِهِۦ تُكَذِّبُونَ
यही निर्णय का दिन है, जिसे तुम झुठलाया करते थे।
लिंक 37:21
22
۞ ٱحْشُرُوا۟ ٱلَّذِينَ ظَلَمُوا۟ وَأَزْوَٰجَهُمْ وَمَا كَانُوا۟ يَعْبُدُونَ
(आदेश होगा कि) इकट्ठा करो उन लोगों को जिन्होंने अत्याचार किया तथा उनके साथियों को और जिनकी वे उपासना किया करते थे ।
लिंक 37:22
23
مِن دُونِ ٱللَّهِ فَٱهْدُوهُمْ إِلَىٰ صِرَٰطِ ٱلْجَحِيمِ
अल्लाह के सिवा। फिर उन्हें जहन्नम की राह दिखा दो।
लिंक 37:23
24
وَقِفُوهُمْ ۖ إِنَّهُم مَّسْـُٔولُونَ
और उन्हें ठहराओ[5], निःसंदेह वे प्रश्न किए जाने वाले हैं।
फ़ुटनोट[5] नरक में झोंकने से पहले।
लिंक 37:24
25
مَا لَكُمْ لَا تَنَاصَرُونَ
तुम्हें क्या हुआ कि तुम एक-दूसरे की सहायता नहीं करते?
लिंक 37:25
26
بَلْ هُمُ ٱلْيَوْمَ مُسْتَسْلِمُونَ
बल्कि, आज वे सर्वथा आज्ञाकारी हैं।
लिंक 37:26
27
وَأَقْبَلَ بَعْضُهُمْ عَلَىٰ بَعْضٍۢ يَتَسَآءَلُونَ
और वे एक-दूसरे की ओर रुख़ करके परस्पर प्रश्न करेंगे।[6]
फ़ुटनोट[6] अर्थात एक-दूसरे को धिक्कारेंगे।
लिंक 37:27
28
قَالُوٓا۟ إِنَّكُمْ كُنتُمْ تَأْتُونَنَا عَنِ ٱلْيَمِينِ
वे कहेंगे : निःसंदेह तुम हमारे पास दाहिने[7] से आया करते थे।
फ़ुटनोट[7] इससे अभिप्राय यह है कि धर्म तथा सत्य के नाम से आते थे। अर्थात यह विश्वास दिलाते थे कि यही मिश्रणवाद मूल तथा सत्धर्म है।
लिंक 37:28
29
قَالُوا۟ بَل لَّمْ تَكُونُوا۟ مُؤْمِنِينَ
वे[8] कहेंगे : बल्कि तुम (स्वयं) ईमान वाले न थे।
फ़ुटनोट[8] इससे अभिप्राय उन के प्रमुख लोग हैं।
लिंक 37:29
30
وَمَا كَانَ لَنَا عَلَيْكُم مِّن سُلْطَـٰنٍۭ ۖ بَلْ كُنتُمْ قَوْمًۭا طَـٰغِينَ
तथा हमारा तुमपर कोई ज़ोर[9] न था, बल्कि तुम (स्वंय) हद से बढ़ने वाले लोग थे।
फ़ुटनोट[9] देखिए : सूरत इबराहीम, आयत : 22
लिंक 37:30
31
فَحَقَّ عَلَيْنَا قَوْلُ رَبِّنَآ ۖ إِنَّا لَذَآئِقُونَ
तो हमपर हमारे पालनहार का कथन सिद्ध हो गया। निःसंदेह हम निश्चय (यातना) चखने वाले हैं।
लिंक 37:31
32
فَأَغْوَيْنَـٰكُمْ إِنَّا كُنَّا غَـٰوِينَ
तो हमने तुम्हें गुमराह किया। निःसंदेह हम स्वयं गुमराह थे।
लिंक 37:32
33
فَإِنَّهُمْ يَوْمَئِذٍۢ فِى ٱلْعَذَابِ مُشْتَرِكُونَ
तो निश्चय ही वे उस दिन यातना में सहभागी होंगे।
लिंक 37:33
34
إِنَّا كَذَٰلِكَ نَفْعَلُ بِٱلْمُجْرِمِينَ
निःसंदेह हम अपराधियों के साथ ऐसा ही किया करते हैं।
लिंक 37:34
35
إِنَّهُمْ كَانُوٓا۟ إِذَا قِيلَ لَهُمْ لَآ إِلَـٰهَ إِلَّا ٱللَّهُ يَسْتَكْبِرُونَ
निःसंदेह वे ऐसे लोग थे कि जब उनसे कहा जाता कि अल्लाह के सिवा कोई पूज्य (इबादत के योग्य) नहीं, तो वे अभिमान करते थे।
लिंक 37:35
36
وَيَقُولُونَ أَئِنَّا لَتَارِكُوٓا۟ ءَالِهَتِنَا لِشَاعِرٍۢ مَّجْنُونٍۭ
तथा कहते थे : क्या सचमुच हम अपने पूज्यों को एक दीवाने कवि के कारण छोड़ देने वाले हैं?
लिंक 37:36
37
بَلْ جَآءَ بِٱلْحَقِّ وَصَدَّقَ ٱلْمُرْسَلِينَ
बल्कि वह सत्य लेकर आए हैं तथा उन्होंने सभी रसूलों की पुष्टि की है।
लिंक 37:37
38
إِنَّكُمْ لَذَآئِقُوا۟ ٱلْعَذَابِ ٱلْأَلِيمِ
निःसंदेह तुम निश्चय दुःखदायी यातना चखने वाले हो।
लिंक 37:38
39
وَمَا تُجْزَوْنَ إِلَّا مَا كُنتُمْ تَعْمَلُونَ
तथा तुम्हें केवल उसी का बदला दिया जाएगा, जो तुम किया करते थे।
लिंक 37:39
40
إِلَّا عِبَادَ ٱللَّهِ ٱلْمُخْلَصِينَ
परंतु अल्लाह के ख़ालिस (विशुद्ध) किए हुए बंदे।
लिंक 37:40
41
أُو۟لَـٰٓئِكَ لَهُمْ رِزْقٌۭ مَّعْلُومٌۭ
यही लोग हैं, जिनके लिए निर्धारित रोज़ी है।
लिंक 37:41
42
فَوَٰكِهُ ۖ وَهُم مُّكْرَمُونَ
प्रत्येक प्रकार के फल। तथा वे सम्मानित किए गए हैं।
लिंक 37:42
43
فِى جَنَّـٰتِ ٱلنَّعِيمِ
नेमत के बाग़ों में।
लिंक 37:43
44
عَلَىٰ سُرُرٍۢ مُّتَقَـٰبِلِينَ
तख़्तों पर आमने-सामने बैठे होंगे।
लिंक 37:44
45
يُطَافُ عَلَيْهِم بِكَأْسٍۢ مِّن مَّعِينٍۭ
उनपर प्रवाहित शराब के प्याले फिराए जाएँगे।
लिंक 37:45
46
بَيْضَآءَ لَذَّةٍۢ لِّلشَّـٰرِبِينَ
जो सफ़ेद होगी, पीने वालों के लिए स्वादिष्ट होगी।
लिंक 37:46
47
لَا فِيهَا غَوْلٌۭ وَلَا هُمْ عَنْهَا يُنزَفُونَ
न उसमें कोई सिरदर्द होगा, और न वे उससे मदहोश होंगे।
लिंक 37:47
48
وَعِندَهُمْ قَـٰصِرَٰتُ ٱلطَّرْفِ عِينٌۭ
तथा उनके पास दृष्टि नीची रखने वाली, बड़ी आँखों वाली स्त्रियाँ होंगी।
लिंक 37:48
49
كَأَنَّهُنَّ بَيْضٌۭ مَّكْنُونٌۭ
मानो वे छिपाकर रखे हुए अंडे हों।[10]
फ़ुटनोट[10] अर्थात जिस प्रकार पक्षी के पंखों के नीचे छिपे हुए अंडे सुरक्षित होते हैं, वैसे ही वे नारियाँ सुरक्षित, सुंदर रंग और रूप की होंगी।
लिंक 37:49
50
فَأَقْبَلَ بَعْضُهُمْ عَلَىٰ بَعْضٍۢ يَتَسَآءَلُونَ
फिर वे एक-दूसरे के सम्मुख होकर आपस में प्रश्न करेंगे।
लिंक 37:50
51
قَالَ قَآئِلٌۭ مِّنْهُمْ إِنِّى كَانَ لِى قَرِينٌۭ
उनमें से एक कहने वाला कहेगा : मेरा एक साथी था।
लिंक 37:51
52
يَقُولُ أَءِنَّكَ لَمِنَ ٱلْمُصَدِّقِينَ
वह कहा करता था कि क्या सचमुच तू भी (मरणोपरांत पुनर्जीवन को) मानने वालों में से है?
लिंक 37:52
53
أَءِذَا مِتْنَا وَكُنَّا تُرَابًۭا وَعِظَـٰمًا أَءِنَّا لَمَدِينُونَ
क्या जब हम मर गए और हम मिट्टी तथा हड्डियाँ हो गए, तो क्या सचमुच हम अवश्य बदला दिए जाने वाले हैं?
लिंक 37:53
54
قَالَ هَلْ أَنتُم مُّطَّلِعُونَ
वह कहेगा : क्या तुम झाँककर देखने वाले हो?
लिंक 37:54
55
فَٱطَّلَعَ فَرَءَاهُ فِى سَوَآءِ ٱلْجَحِيمِ
फिर वह झाँकेगा, तो उसे भड़कती हुई आग के बीच में देखेगा।
लिंक 37:55
56
قَالَ تَٱللَّهِ إِن كِدتَّ لَتُرْدِينِ
कहेगा : अल्लाह की कसम! निश्चय तू क़रीब था कि मुझे नष्ट ही कर दे।
लिंक 37:56
57
وَلَوْلَا نِعْمَةُ رَبِّى لَكُنتُ مِنَ ٱلْمُحْضَرِينَ
और यदि मेरे पालनहार की अनुकंपा न होती, तो निश्चय मैं भी (जहन्नम में) उपस्थित किए गए लोगों में से होता।
लिंक 37:57
58
أَفَمَا نَحْنُ بِمَيِّتِينَ
तो क्या (यह सही नहीं है) कि हम कभी मरने वाले नहीं हैं?
लिंक 37:58
59
إِلَّا مَوْتَتَنَا ٱلْأُولَىٰ وَمَا نَحْنُ بِمُعَذَّبِينَ
सिवाय अपनी प्रथम मौत के, और न हम कभी यातना दिए जाने वाले हैं।
लिंक 37:59
60
إِنَّ هَـٰذَا لَهُوَ ٱلْفَوْزُ ٱلْعَظِيمُ
निश्चय यही तो बहुत बड़ी सफलता है।
लिंक 37:60
61
لِمِثْلِ هَـٰذَا فَلْيَعْمَلِ ٱلْعَـٰمِلُونَ
इसी (जैसी सफलता) के लिए कर्म करने वालों को कर्म करना चाहिए।
लिंक 37:61
62
أَذَٰلِكَ خَيْرٌۭ نُّزُلًا أَمْ شَجَرَةُ ٱلزَّقُّومِ
क्या यह आतिथ्य उत्तम है या थोहड़ का वृक्ष?
लिंक 37:62
63
إِنَّا جَعَلْنَـٰهَا فِتْنَةًۭ لِّلظَّـٰلِمِينَ
निःसंदेह हमने उसे अत्याचारियों के लिए एक परीक्षा बनाया है।
लिंक 37:63
64
إِنَّهَا شَجَرَةٌۭ تَخْرُجُ فِىٓ أَصْلِ ٱلْجَحِيمِ
निःसंदेह वह ऐसा वृक्ष है, जो जहन्नम के तल में उगता है।
लिंक 37:64
65
طَلْعُهَا كَأَنَّهُۥ رُءُوسُ ٱلشَّيَـٰطِينِ
उसके गुच्छे ऐसे हैं मानो वे शैतानों के सिर हों।
लिंक 37:65
66
فَإِنَّهُمْ لَـَٔاكِلُونَ مِنْهَا فَمَالِـُٔونَ مِنْهَا ٱلْبُطُونَ
तो वे (जहन्नमवासी) निश्चय उसमें से खाने वाले हैं। फिर उससे पेट भरने वाले हैं।
लिंक 37:66
67
ثُمَّ إِنَّ لَهُمْ عَلَيْهَا لَشَوْبًۭا مِّنْ حَمِيمٍۢ
फिर निःसंदेह उनके लिए उसपर खौलते हुए पानी का मिश्रण है।
लिंक 37:67
68
ثُمَّ إِنَّ مَرْجِعَهُمْ لَإِلَى ٱلْجَحِيمِ
फिर निःसंदेह उनकी वापसी निश्चय उसी भड़कती हुई आग की ओर होगी।
लिंक 37:68
69
إِنَّهُمْ أَلْفَوْا۟ ءَابَآءَهُمْ ضَآلِّينَ
निःसंदेह उन्होंने अपने बाप-दादा को गुमराह पाया।
लिंक 37:69
70
فَهُمْ عَلَىٰٓ ءَاثَـٰرِهِمْ يُهْرَعُونَ
तो वे उन्हीं के पदचिह्नों पर दौड़े चले जा रहे हैं।[11]
फ़ुटनोट[11] इसमें नरक में जाने का जो सबसे बड़ा कारण बताया गया है, वह है नबी को न मानना और अपने पूर्वजों के पंथ पर ही चलते रहना।
लिंक 37:70
71
وَلَقَدْ ضَلَّ قَبْلَهُمْ أَكْثَرُ ٱلْأَوَّلِينَ
और निःसंदेह इनसे पहले अगले लोगों में से अधिकतर लोग गुमराह हो चुके हैं।
लिंक 37:71
72
وَلَقَدْ أَرْسَلْنَا فِيهِم مُّنذِرِينَ
तथा निःसंदेह हमने उनके अंदर कई डराने वाले भेजे।
लिंक 37:72
73
فَٱنظُرْ كَيْفَ كَانَ عَـٰقِبَةُ ٱلْمُنذَرِينَ
तो देखो कि उन डराए जाने वालों का परिणाम[12] कैसा हुआ?
फ़ुटनोट[12] अतः उनके दुष्परिणाम से शिक्षा ग्रहण करना चाहिए।
लिंक 37:73
74
إِلَّا عِبَادَ ٱللَّهِ ٱلْمُخْلَصِينَ
सिवाय अल्लाह के ख़ालिस किए हुए बंदों के।
लिंक 37:74
75
وَلَقَدْ نَادَىٰنَا نُوحٌۭ فَلَنِعْمَ ٱلْمُجِيبُونَ
तथा निःसंदेह नूह ने हमें पुकारा, तो निश्चय हम अच्छे स्वीकार करने वाले हैं।
लिंक 37:75
76
وَنَجَّيْنَـٰهُ وَأَهْلَهُۥ مِنَ ٱلْكَرْبِ ٱلْعَظِيمِ
और हमने उसे और उसके घर वालों को बहुत बड़ी आपदा से बचा लिया।
लिंक 37:76
77
وَجَعَلْنَا ذُرِّيَّتَهُۥ هُمُ ٱلْبَاقِينَ
तथा हमने उसकी संतति ही को बाक़ी रहने वाला[13] बना दिया।
फ़ुटनोट[13] उसकी जाति के जलमग्न हो जाने के पश्चात्।
लिंक 37:77
78
وَتَرَكْنَا عَلَيْهِ فِى ٱلْـَٔاخِرِينَ
और हमने पीछे आने वालों में उसके लिए (अच्छा स्मरण) बाक़ी रखा।
लिंक 37:78
79
سَلَـٰمٌ عَلَىٰ نُوحٍۢ فِى ٱلْعَـٰلَمِينَ
सर्व संसार में नूह़ पर सलाम[14] हो।
फ़ुटनोट[14] अर्थात उसकी बुरी चर्चा से सुरक्षा।
लिंक 37:79
80
إِنَّا كَذَٰلِكَ نَجْزِى ٱلْمُحْسِنِينَ
निःसंदेह हम सदाचारियों को इसी तरह बदला देते हैं।
लिंक 37:80
81
إِنَّهُۥ مِنْ عِبَادِنَا ٱلْمُؤْمِنِينَ
निश्चय वह हमारे ईमान वाले बंदों में से था।
लिंक 37:81
82
ثُمَّ أَغْرَقْنَا ٱلْـَٔاخَرِينَ
फिर हमने दूसरों को डुबो दिया।
लिंक 37:82
83
۞ وَإِنَّ مِن شِيعَتِهِۦ لَإِبْرَٰهِيمَ
और निःसंदेह उसी के तरीक़े पर चलने वालों में से निश्चय इबराहीम (भी) थे।
लिंक 37:83
84
إِذْ جَآءَ رَبَّهُۥ بِقَلْبٍۢ سَلِيمٍ
(उस समय को याद करें) जब वह अपने पालनहार के पास शुद्ध दिल लेकर आए।
लिंक 37:84
85
إِذْ قَالَ لِأَبِيهِ وَقَوْمِهِۦ مَاذَا تَعْبُدُونَ
जब उसने अपने बाप तथा अपनी जाति से कहा : तुम किस चीज़ की इबादत करते हो?
लिंक 37:85
86
أَئِفْكًا ءَالِهَةًۭ دُونَ ٱللَّهِ تُرِيدُونَ
क्या अल्लाह को छोड़कर अपने गढ़े हुए पूज्यों को चाहते हो?
लिंक 37:86
87
فَمَا ظَنُّكُم بِرَبِّ ٱلْعَـٰلَمِينَ
तो सर्व संसार के पालनहार के विषय में तुम्हारा क्या गुमान है?
लिंक 37:87
88
فَنَظَرَ نَظْرَةًۭ فِى ٱلنُّجُومِ
फिर उसने एक दृष्टि तारों पर डाली।[15]
फ़ुटनोट[15] यह सोचते हुए कि इनके उत्सव में न जाने के लिए क्या बहाना करूँ।
लिंक 37:88
89
فَقَالَ إِنِّى سَقِيمٌۭ
फिर कहा : मैं तो बीमार हूँ।
लिंक 37:89
90
فَتَوَلَّوْا۟ عَنْهُ مُدْبِرِينَ
तो वे उससे पीठ फेरकर वापस चले गए।
लिंक 37:90
91
فَرَاغَ إِلَىٰٓ ءَالِهَتِهِمْ فَقَالَ أَلَا تَأْكُلُونَ
फिर वह चुपके से उनके पूज्यों की ओर गया और कहा : क्या तुम खाते नहीं?
लिंक 37:91
92
مَا لَكُمْ لَا تَنطِقُونَ
तुम्हें क्या हुआ कि तुम बोलते नहीं?
लिंक 37:92
93
فَرَاغَ عَلَيْهِمْ ضَرْبًۢا بِٱلْيَمِينِ
फिर वह दाएँ हाथ से मारते हुए उनपर पिल पड़ा।
लिंक 37:93
94
فَأَقْبَلُوٓا۟ إِلَيْهِ يَزِفُّونَ
फिर वे दौड़ते हुए उसकी ओर आए।
लिंक 37:94
95
قَالَ أَتَعْبُدُونَ مَا تَنْحِتُونَ
उसने कहा : क्या तुम उसकी इबादत करते हो, जिसे ख़ुद तराशते हो?
लिंक 37:95
96
وَٱللَّهُ خَلَقَكُمْ وَمَا تَعْمَلُونَ
हालाँकि अल्लाह ही ने तुम्हें पैदा किया तथा उसे भी जो तुम करते हो।
लिंक 37:96
97
قَالُوا۟ ٱبْنُوا۟ لَهُۥ بُنْيَـٰنًۭا فَأَلْقُوهُ فِى ٱلْجَحِيمِ
उन्होंने कहा : इसके लिए एक इमारत (अग्नि-कुंड) बनाओ, फिर इसे भड़कती आग में फेंक दो।
लिंक 37:97
98
فَأَرَادُوا۟ بِهِۦ كَيْدًۭا فَجَعَلْنَـٰهُمُ ٱلْأَسْفَلِينَ
अतः उन्होंने उसके साथ एक चाल चलनी चाही, तो हमने उन्हीं को सबसे नीचा कर दिया।
लिंक 37:98
99
وَقَالَ إِنِّى ذَاهِبٌ إِلَىٰ رَبِّى سَيَهْدِينِ
तथा उसने कहा : निःसंदेह मैं अपने पालनहार की ओर[16] जाने वाला हूँ। वह मुझे अवश्य सीधा रास्ता दिखाएगा।
फ़ुटनोट[16] अर्थात ऐसे स्थान की ओर जहाँ अपने पालनहार की इबादत कर सकूँ।
लिंक 37:99
100
رَبِّ هَبْ لِى مِنَ ٱلصَّـٰلِحِينَ
ऐ मेरे पालनहार! मुझे एक सदाचारी पुत्र प्रदान कर।
लिंक 37:100
101
فَبَشَّرْنَـٰهُ بِغُلَـٰمٍ حَلِيمٍۢ
तो हमने उसे एक सहनशील पुत्र की शुभ सूचना दी।
लिंक 37:101
102
فَلَمَّا بَلَغَ مَعَهُ ٱلسَّعْىَ قَالَ يَـٰبُنَىَّ إِنِّىٓ أَرَىٰ فِى ٱلْمَنَامِ أَنِّىٓ أَذْبَحُكَ فَٱنظُرْ مَاذَا تَرَىٰ ۚ قَالَ يَـٰٓأَبَتِ ٱفْعَلْ مَا تُؤْمَرُ ۖ سَتَجِدُنِىٓ إِن شَآءَ ٱللَّهُ مِنَ ٱلصَّـٰبِرِينَ
फिर जब वह उसके साथ दौड़-धूप की आयु को पहुँचा, तो उसने कहा : ऐ मेरे प्रिय बेटे! निःसंदेह मैं स्वप्न में देखता हूँ कि मैं तुझे ज़बह कर रहा हूँ। तो अब देख, तेरा क्या विचार है? उसने कहा : ऐ मेरे पिता! आपको जो आदेश दिया जा रहा है उसे कर डालिए। अगर अल्लाह ने चाहा, तो आप अवश्य मुझे धैर्यवानों में से पाएँगे।
लिंक 37:102
103
فَلَمَّآ أَسْلَمَا وَتَلَّهُۥ لِلْجَبِينِ
अंततः जब दोनों (अल्लाह के आदेश के प्रति) समर्पित हो गए, और उसने उसे पेशानी के एक किनारे पर गिरा दिया।
लिंक 37:103
104
وَنَـٰدَيْنَـٰهُ أَن يَـٰٓإِبْرَٰهِيمُ
और हमने उसे आवाज़ दी कि ऐ इबराहीम!
लिंक 37:104
105
قَدْ صَدَّقْتَ ٱلرُّءْيَآ ۚ إِنَّا كَذَٰلِكَ نَجْزِى ٱلْمُحْسِنِينَ
निश्चय तूने स्वप्न को सच कर दिखाया। हम सदाचारियों को इसी तरह बदला प्रदान करते हैं।
लिंक 37:105
106
إِنَّ هَـٰذَا لَهُوَ ٱلْبَلَـٰٓؤُا۟ ٱلْمُبِينُ
निःसंदेह यही तो निश्चय खुला परीक्षण है।
लिंक 37:106
107
وَفَدَيْنَـٰهُ بِذِبْحٍ عَظِيمٍۢ
और हमने उसके फ़िदया (छुड़ौती) में एक बहुत बड़ा ज़बीहा[17] दिया।
फ़ुटनोट[17] यह महान ज़बीहा एक मेंढा था। जिसे जिबरील (अलैहिस्सलाम) द्वारा स्वर्ग से भेजा गया। जो आपके प्रिय पुत्र इसमाईल (अलैहिस्सलाम) के स्थान पर ज़बह किया गया। फिर इस विधि को प्रलय तक के लिए अल्लाह के सामीप्य का एक साधन तथा ईदुल अज़हा (बक़रईद) का प्रियवर कर्म बना दिया गया। जिसे संसार के सभी मुसलमान ईदुल अज़हा में करते हैं।
लिंक 37:107
108
وَتَرَكْنَا عَلَيْهِ فِى ٱلْـَٔاخِرِينَ
और हमने पीछे आने वालों में उसके लिए (अच्छा स्मरण) बाक़ी रखा।
लिंक 37:108
109
سَلَـٰمٌ عَلَىٰٓ إِبْرَٰهِيمَ
सलाम हो इबराहीम पर।
लिंक 37:109
110
كَذَٰلِكَ نَجْزِى ٱلْمُحْسِنِينَ
हम इसी तरह सदाचारियों को बदला प्रदान करते हैं।
लिंक 37:110
111
إِنَّهُۥ مِنْ عِبَادِنَا ٱلْمُؤْمِنِينَ
निश्चय वह हमारे ईमान वाले बंदों में से था।
लिंक 37:111
112
وَبَشَّرْنَـٰهُ بِإِسْحَـٰقَ نَبِيًّۭا مِّنَ ٱلصَّـٰلِحِينَ
तथा हमने उसे इसहाक़ की शुभ सूचना दी, जो नबी होगा, सदाचारियों में से (होगा)।[18]
फ़ुटनोट[18] इस आयत से विदित होता है कि इबराहीम (अलैहिस्सलाम) को इस बलि के पश्चात् दूसरे पुत्र आदरणीय इसहाक़ की शुभ सूचना दी गई। इससे ज्ञात हुआ की बलि इसमाईल (अलैहिस्सलाम) की दी गई थी। और दोनों की आयु में लग-भग चौदह वर्ष का अंतर है।
लिंक 37:112
113
وَبَـٰرَكْنَا عَلَيْهِ وَعَلَىٰٓ إِسْحَـٰقَ ۚ وَمِن ذُرِّيَّتِهِمَا مُحْسِنٌۭ وَظَالِمٌۭ لِّنَفْسِهِۦ مُبِينٌۭ
तथा हमने उसपर और इसहाक़ पर बरकत उतारी। और उन दोनों की संतति में से कोई सदाचारी है और कोई अपने आप पर खुला अत्याचार करने वाला है।
लिंक 37:113
114
وَلَقَدْ مَنَنَّا عَلَىٰ مُوسَىٰ وَهَـٰرُونَ
तथा निःसंदेह हमने मूसा और हारून पर उपकार किया।
लिंक 37:114
115
وَنَجَّيْنَـٰهُمَا وَقَوْمَهُمَا مِنَ ٱلْكَرْبِ ٱلْعَظِيمِ
और हमने उन दोनों को और उन दोनों की जाति को बहुत बड़ी विपत्ति से छुटकारा दिया।
लिंक 37:115
116
وَنَصَرْنَـٰهُمْ فَكَانُوا۟ هُمُ ٱلْغَـٰلِبِينَ
तथा हमने उनकी सहायता की, तो वही प्रभुत्वशाली रहे।
लिंक 37:116
117
وَءَاتَيْنَـٰهُمَا ٱلْكِتَـٰبَ ٱلْمُسْتَبِينَ
तथा हमने उन दोनों को अत्यंत स्पष्ट पुस्तक (तौरात) प्रदान की।
लिंक 37:117
118
وَهَدَيْنَـٰهُمَا ٱلصِّرَٰطَ ٱلْمُسْتَقِيمَ
और हमने उन दोनों को सीधे मार्ग पर चलाया।
लिंक 37:118
119
وَتَرَكْنَا عَلَيْهِمَا فِى ٱلْـَٔاخِرِينَ
और हमने पीछे आने वालों में उन दोनों का अच्छा स्मरण छोड़ा।
लिंक 37:119
120
سَلَـٰمٌ عَلَىٰ مُوسَىٰ وَهَـٰرُونَ
सलाम हो मूसा और हारून पर।
लिंक 37:120
121
إِنَّا كَذَٰلِكَ نَجْزِى ٱلْمُحْسِنِينَ
निःसंदेह हम सदाचारियों को इसी तरह बदला देते हैं।
लिंक 37:121
122
إِنَّهُمَا مِنْ عِبَادِنَا ٱلْمُؤْمِنِينَ
निःसंदेह वे दोनों हमारे ईमान वाले बंदों में से थे।
लिंक 37:122
123
وَإِنَّ إِلْيَاسَ لَمِنَ ٱلْمُرْسَلِينَ
तथा निःसंदेह इलयास निश्चय नबियों में से थे।
लिंक 37:123
124
إِذْ قَالَ لِقَوْمِهِۦٓ أَلَا تَتَّقُونَ
जब उसने अपनी जाति से कहा : क्या तुम डरते नहीं?
लिंक 37:124
125
أَتَدْعُونَ بَعْلًۭا وَتَذَرُونَ أَحْسَنَ ٱلْخَـٰلِقِينَ
क्या तुम 'बअ्ल' (नामक मूर्ति) को पुकारते हो? तथा पैदा करने वालों में सबस बेहतर को छोड़ देते हो?
लिंक 37:125
126
ٱللَّهَ رَبَّكُمْ وَرَبَّ ءَابَآئِكُمُ ٱلْأَوَّلِينَ
अल्लाह को, जो तुम्हारा पालनहार है तथा तुम्हारे पहले बाप-दादा का पालनहार है।
लिंक 37:126
127
فَكَذَّبُوهُ فَإِنَّهُمْ لَمُحْضَرُونَ
किंतु उन्होंने उसे झुठला दिया। तो निश्चय वे अवश्य हाज़िर किए जाने वाले हैं।
लिंक 37:127
128
إِلَّا عِبَادَ ٱللَّهِ ٱلْمُخْلَصِينَ
सिवाय अल्लाह के ख़ालिस किए हुए बंदों के।
लिंक 37:128
129
وَتَرَكْنَا عَلَيْهِ فِى ٱلْـَٔاخِرِينَ
और हमने पीछे आने वालों में उसके लिए (अच्छा स्मरण) बाक़ी रखा।
लिंक 37:129
130
سَلَـٰمٌ عَلَىٰٓ إِلْ يَاسِينَ
सलाम हो इल्यासीन[19] पर।
फ़ुटनोट[19] इल्यासीन इलयास ही का एक उच्चारण है। उन्हें अन्य धर्म ग्रंथों में इलया भी कहा गया है।
लिंक 37:130
131
إِنَّا كَذَٰلِكَ نَجْزِى ٱلْمُحْسِنِينَ
निःसंदेह हम सदाचारियों को इसी तरह बदला देते हैं।
लिंक 37:131
132
إِنَّهُۥ مِنْ عِبَادِنَا ٱلْمُؤْمِنِينَ
निश्चय वह हमारे ईमान वाले बंदों में से था।
लिंक 37:132
133
وَإِنَّ لُوطًۭا لَّمِنَ ٱلْمُرْسَلِينَ
और निःसंदेह लूत निश्चय रसूलों में से था।
लिंक 37:133
134
إِذْ نَجَّيْنَـٰهُ وَأَهْلَهُۥٓ أَجْمَعِينَ
जब हमने उसे तथा उसके सब घर वालों को बचाया।
लिंक 37:134
135
إِلَّا عَجُوزًۭا فِى ٱلْغَـٰبِرِينَ
सिवाय एक बुढ़िया[20] के, जो पीछे रह जाने वालों में से थी।
फ़ुटनोट[20] यह लूत (अलैहिस्सलाम) की काफ़िर पत्नी थी।
लिंक 37:135
136
ثُمَّ دَمَّرْنَا ٱلْـَٔاخَرِينَ
फिर हमने दूसरों का विनाश कर दिया।
लिंक 37:136
137
وَإِنَّكُمْ لَتَمُرُّونَ عَلَيْهِم مُّصْبِحِينَ
तथा निःसंदेह तुम[21] निश्चय सुबह के समय जाते हुए उनपर से गुज़रते हो।
फ़ुटनोट[21] मक्का वासियों को संबोधित किया गया है।
लिंक 37:137
138
وَبِٱلَّيْلِ ۗ أَفَلَا تَعْقِلُونَ
तथा रात के समय भी। तो क्या तुम समझते नहीं?
लिंक 37:138
139
وَإِنَّ يُونُسَ لَمِنَ ٱلْمُرْسَلِينَ
तथा निःसंदेह यूनुस निश्चय रसूलों में से था।
लिंक 37:139
140
إِذْ أَبَقَ إِلَى ٱلْفُلْكِ ٱلْمَشْحُونِ
जब वह भरी नाव की ओर भागकर गया।[22]
फ़ुटनोट[22] अल्लाह की अनुमति के बिना अपने नगर से नगर वासियों को यातना के आने की सूचना देकर निकल गए। और नाव पर सवार हो गए। नाव सागर की लहरों में घिर गई। इसलिए बोझ कम करने के लिए नाम निकाला गया, तो यूनुस अलैहिस्सलाम का नाम निकला और उन्हें समुद्र में फेंक दिया गया।
लिंक 37:140
141
فَسَاهَمَ فَكَانَ مِنَ ٱلْمُدْحَضِينَ
फिर वह क़ुर'आ में शामिल हुआ, तो हारने वालों में से हो गया।
लिंक 37:141
142
فَٱلْتَقَمَهُ ٱلْحُوتُ وَهُوَ مُلِيمٌۭ
फिर मछली ने उसे निगल लिया, इस हाल में कि वह निंदनीय था।
लिंक 37:142
143
فَلَوْلَآ أَنَّهُۥ كَانَ مِنَ ٱلْمُسَبِّحِينَ
फिर अगर यह बात न होती कि वह अल्लाह की पवित्रता का वर्णन करने वालों में से था।
लिंक 37:143
144
لَلَبِثَ فِى بَطْنِهِۦٓ إِلَىٰ يَوْمِ يُبْعَثُونَ
तो निश्चय वह उसके पेट में उस दिन तक रहता, जिसमें लोग उठाए जाएँगे।[23]
फ़ुटनोट[23] अर्थात प्रयल के दिन तक। (देखिए : सूरतुल-अंबिया, आयत : 87)
लिंक 37:144
145
۞ فَنَبَذْنَـٰهُ بِٱلْعَرَآءِ وَهُوَ سَقِيمٌۭ
फिर हमने उसे चटियल मैदान में फेंक दिया, इस हाल में कि वह बीमार[24] था।
फ़ुटनोट[24] अर्थात निर्बल नवजात शिशु के समान।
लिंक 37:145
146
وَأَنۢبَتْنَا عَلَيْهِ شَجَرَةًۭ مِّن يَقْطِينٍۢ
तथा हमने उसपर एक लता वाला वृक्ष उगा दिया।[25]
फ़ुटनोट[25] रक्षा के लिए।
लिंक 37:146
147
وَأَرْسَلْنَـٰهُ إِلَىٰ مِا۟ئَةِ أَلْفٍ أَوْ يَزِيدُونَ
तथा हमने उसे एक लाख की ओर भेजा, बल्कि वे अधिक होंगे।
लिंक 37:147
148
فَـَٔامَنُوا۟ فَمَتَّعْنَـٰهُمْ إِلَىٰ حِينٍۢ
चुनाँचे वे ईमान ले आए, तो हमने उन्हें एक समय तक लाभ उठाने दिया।[26]
फ़ुटनोट[26] देखिए : सूरत यूनुस।
लिंक 37:148
149
فَٱسْتَفْتِهِمْ أَلِرَبِّكَ ٱلْبَنَاتُ وَلَهُمُ ٱلْبَنُونَ
तो (ऐ नबी!) आप उनसे पूछें कि क्या आपके पालनहार के लिए बेटियाँ हैं और उनके लिए बेटे?
लिंक 37:149
150
أَمْ خَلَقْنَا ٱلْمَلَـٰٓئِكَةَ إِنَـٰثًۭا وَهُمْ شَـٰهِدُونَ
या हमने फ़रिश्तों को मादा पैदा किया, जबकि वे उस समय उपस्थित[27] थे?
फ़ुटनोट[27] इसमें मक्का के मिश्रणवादियों का खंडन किया जा रहा है, जो फ़रिश्तों को अल्लाह की पुत्रियाँ कहते थे। जबकि वे स्वयं पुत्रियों के जन्म को अप्रिय मानते थे।
लिंक 37:150
151
أَلَآ إِنَّهُم مِّنْ إِفْكِهِمْ لَيَقُولُونَ
सुन लो! निःसंदेह वे निश्चय अपने झूठ ही से कहते हैं।
लिंक 37:151
152
وَلَدَ ٱللَّهُ وَإِنَّهُمْ لَكَـٰذِبُونَ
कि अल्लाह ने संतान बनाया है। और निःसंदेह वे निश्चय झूठे हैं।
लिंक 37:152
153
أَصْطَفَى ٱلْبَنَاتِ عَلَى ٱلْبَنِينَ
क्या उसने पुत्रियों को पुत्रों पर प्राथमिकता दी?
लिंक 37:153
154
مَا لَكُمْ كَيْفَ تَحْكُمُونَ
तुम्हें क्या हो गया है, तुम कैसा फ़ैसला कर रहे हो?
लिंक 37:154
155
أَفَلَا تَذَكَّرُونَ
तो क्या तुम शिक्षा ग्रहण नहीं करते?
लिंक 37:155
156
أَمْ لَكُمْ سُلْطَـٰنٌۭ مُّبِينٌۭ
या तुम्हारे पास कोई स्पष्ट प्रमाण है?
लिंक 37:156
157
فَأْتُوا۟ بِكِتَـٰبِكُمْ إِن كُنتُمْ صَـٰدِقِينَ
तो लाओ अपनी किताब, यदि तुम सच्चे हो?
लिंक 37:157
158
وَجَعَلُوا۟ بَيْنَهُۥ وَبَيْنَ ٱلْجِنَّةِ نَسَبًۭا ۚ وَلَقَدْ عَلِمَتِ ٱلْجِنَّةُ إِنَّهُمْ لَمُحْضَرُونَ
और उन्होंने अल्लाह तथा जिन्नों के बीच रिश्तेदारी बना दी। हालाँकि निःसंदेह जिन्न जान चुके हैं कि निःसंदेह वे (मुश्रिक) अवश्य उपस्थित किए जाने वाले हैं।[28]
फ़ुटनोट[28] अर्थात यातना के लिए। तो यदि वे उसके संबंधी होते, तो उन्हें यातना क्यों देता?
लिंक 37:158
159
سُبْحَـٰنَ ٱللَّهِ عَمَّا يَصِفُونَ
अल्लाह उन बातों से पवित्र है, जो वे वर्णन करते हैं।
लिंक 37:159
160
إِلَّا عِبَادَ ٱللَّهِ ٱلْمُخْلَصِينَ
सिवाय अल्लाह के ख़ालिस किए हुए बंदों के।[29]
फ़ुटनोट[29] वे अल्लाह को ऐसे दुर्गुणों से युक्त नहीं करते।
लिंक 37:160
161
فَإِنَّكُمْ وَمَا تَعْبُدُونَ
अतः निःसंदेह तुम तथा जिनकी तुम पूजा करते हो।
लिंक 37:161
162
مَآ أَنتُمْ عَلَيْهِ بِفَـٰتِنِينَ
तुम उसके विरुद्ध (किसी को) बहकाने वाले नहीं।
लिंक 37:162
163
إِلَّا مَنْ هُوَ صَالِ ٱلْجَحِيمِ
परंतु उसको, जो भड़कती आग में प्रवेश करने वाला है।
लिंक 37:163
164
وَمَا مِنَّآ إِلَّا لَهُۥ مَقَامٌۭ مَّعْلُومٌۭ
और हम (फ़रिश्तों) में से जो भी है उसका एक नियत स्थान है।
लिंक 37:164
165
وَإِنَّا لَنَحْنُ ٱلصَّآفُّونَ
तथा निःसंदेह हम निश्चय पंक्तिबद्ध रहने वाले हैं।
लिंक 37:165
166
وَإِنَّا لَنَحْنُ ٱلْمُسَبِّحُونَ
तथा निःसंदेह हम निश्चय तस्बीह़ (पवित्रता गान) करने वाले हैं।
लिंक 37:166
167
وَإِن كَانُوا۟ لَيَقُولُونَ
तथा निःसंदेह वे (मुश्रिक) तो कहा करते थे
लिंक 37:167
168
لَوْ أَنَّ عِندَنَا ذِكْرًۭا مِّنَ ٱلْأَوَّلِينَ
यदि हमारे पास पहले लोगों की कोई शिक्षा (किताब) होती,
लिंक 37:168
169
لَكُنَّا عِبَادَ ٱللَّهِ ٱلْمُخْلَصِينَ
तो हम अवश्य अल्लाह के ख़ालिस (चुने हुए) बंदे होते।
लिंक 37:169
170
فَكَفَرُوا۟ بِهِۦ ۖ فَسَوْفَ يَعْلَمُونَ
(फिर जब किताब आ गई) तो उन्होंने उसका इनकार कर दिया। अतः जल्द ही उन्हें पता चल जाएगा।
लिंक 37:170
171
وَلَقَدْ سَبَقَتْ كَلِمَتُنَا لِعِبَادِنَا ٱلْمُرْسَلِينَ
और निःसंदेह हमारे भेजे हुए बंदों के लिए हमारी बात पहले ही निश्चित हो चुकी
लिंक 37:171
172
إِنَّهُمْ لَهُمُ ٱلْمَنصُورُونَ
कि निःसंदेह वही हैं, जिनकी सहायता की जाएगी।
लिंक 37:172
173
وَإِنَّ جُندَنَا لَهُمُ ٱلْغَـٰلِبُونَ
तथा निःसंदेह हमारी सेना ही निश्चय प्रभुत्वशाली रहेगी।
लिंक 37:173
174
فَتَوَلَّ عَنْهُمْ حَتَّىٰ حِينٍۢ
तो आप कुछ समय तक के लिए उनसे मुँह फेर लें।
लिंक 37:174
175
وَأَبْصِرْهُمْ فَسَوْفَ يُبْصِرُونَ
तथा उन्हें देखते रहें। वे भी शीघ्र ही देख लेंगे।
लिंक 37:175
176
أَفَبِعَذَابِنَا يَسْتَعْجِلُونَ
तो क्या वे हमारी यातना की शीघ्र माँग कर रहे हैं?
लिंक 37:176
177
فَإِذَا نَزَلَ بِسَاحَتِهِمْ فَسَآءَ صَبَاحُ ٱلْمُنذَرِينَ
फिर जब वह उनके आँगन में उतरेगी, तो डराए गए लोगों की सुबह बहुत बुरी होगी।
लिंक 37:177
178
وَتَوَلَّ عَنْهُمْ حَتَّىٰ حِينٍۢ
َऔर आप कुछ समय तक के लिए उनसे मुँह फेर लें।
लिंक 37:178
179
وَأَبْصِرْ فَسَوْفَ يُبْصِرُونَ
तथा देखते रहें। जल्द ही वे भी देख लेंगे।
लिंक 37:179
180
سُبْحَـٰنَ رَبِّكَ رَبِّ ٱلْعِزَّةِ عَمَّا يَصِفُونَ
पवित्र है आपका पालनहार, पराक्रम व शक्ति का स्वामी!, उस बात से, जो वे बयान करते हैं।
लिंक 37:180
181
وَسَلَـٰمٌ عَلَى ٱلْمُرْسَلِينَ
तथा सलाम हो रसूलों पर।
लिंक 37:181
182
وَٱلْحَمْدُ لِلَّهِ رَبِّ ٱلْعَـٰلَمِينَ
और हर प्रकार की प्रशंसा अल्लाह के लिए है, जो सर्व संसार का पालनहार है।
लिंक 37:182

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