सूरह 99 (कुल 114) · मदनी

सूरह अज़-ज़लज़ला (भूकंप)

سُورَةُ الزَّلۡزَلَةِ
8 आयतें

अर्थों का अनुवाद: Azizul Haq Al-Omari, QuranEnc.com, संस्करण 1.1.5। अनुवाद कुरआन के अर्थ बताता है। असल कुरआन अरबी पाठ है।

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
1
إِذَا زُلْزِلَتِ ٱلْأَرْضُ زِلْزَالَهَا
जब धरती को पूरी तरह झंझोड़ दिया जाएगा।
लिंक 99:1
2
وَأَخْرَجَتِ ٱلْأَرْضُ أَثْقَالَهَا
तथा धरती अपने बोझ बाहर निकाल देगी।
लिंक 99:2
3
وَقَالَ ٱلْإِنسَـٰنُ مَا لَهَا
और इनसान कहेगा कि इसे क्या हो गया?
लिंक 99:3
4
يَوْمَئِذٍۢ تُحَدِّثُ أَخْبَارَهَا
उस दिन वह अपनी खबरें बयान करेगी।
लिंक 99:4
5
بِأَنَّ رَبَّكَ أَوْحَىٰ لَهَا
क्योंकि तेरे पालनहार ने उसे इसका आदेश दिया होगा।
लिंक 99:5
6
يَوْمَئِذٍۢ يَصْدُرُ ٱلنَّاسُ أَشْتَاتًۭا لِّيُرَوْا۟ أَعْمَـٰلَهُمْ
उस दिन लोग अलग-अलग होकर लौटेंगे, ताकि उन्हें उनके कर्म दिखाए जाएँ।[1]
फ़ुटनोट[1] (1-6) इन आयतों में बताया गया है कि जब प्रलय (क़ियामत) का भूकंप आएगा, तो धरती के भीतर जो कुछ भी है, सब उगल कर बाहर फेंक देगी। यह सब कुछ ऐसे होगा कि जीवित होने के पश्चात् सभी को आश्चर्य होगा कि यह क्या हो रहा है? उस दिन यह निर्जीव धरती प्रत्येक व्यक्ति के कर्मों की गवाही देगी कि किसने क्या-क्या कर्म किए हैं। यद्पि अल्लाह सबके कर्मों को जानता है, फिर भी उसका निर्णय गवाहियों से प्रमाणित करके होगा।
लिंक 99:6
7
فَمَن يَعْمَلْ مِثْقَالَ ذَرَّةٍ خَيْرًۭا يَرَهُۥ
तो जिसने एक कण के बराबर भी नेकी की होगी, उसे देख लेगा।
लिंक 99:7
8
وَمَن يَعْمَلْ مِثْقَالَ ذَرَّةٍۢ شَرًّۭا يَرَهُۥ
और जिसने एक कण के बराबर भी बुराई की होगी, उसे देख लेगा।[2]
फ़ुटनोट[2] (7-8) इन आयतों का अर्थ यह है कि प्रत्येक व्यक्ति अकेला आएगा, परिवार और साथी सब बिखर जाएँगे। दूसरा अर्थ यह भी हो सकता है कि इस संसार में जो किसी भी युग में मरे थे सभी दलों में चले आ रहे होंगे, और सबको अपने किए हुए कर्म दिखाए जाएँगे। और कर्मानुसार पुण्य और पाप का बदला दिया जाएगा। और किसी का पुणय और पाप छिपा नहीं रहेगा।
लिंक 99:8

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