सूरह 55 (कुल 114) · मदनी

सूरह अर-रहमान (अत्यंत दयावान)

سُورَةُ الرَّحۡمَٰن
78 आयतें

अर्थों का अनुवाद: Azizul Haq Al-Omari, QuranEnc.com, संस्करण 1.1.5। अनुवाद कुरआन के अर्थ बताता है। असल कुरआन अरबी पाठ है।

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
1
ٱلرَّحْمَـٰنُ
अत्यंत दयावान् ने।
लिंक 55:1
2
عَلَّمَ ٱلْقُرْءَانَ
यह क़ुरआन सिखाया।
लिंक 55:2
3
خَلَقَ ٱلْإِنسَـٰنَ
उसने मनुष्य को पैदा किया।
लिंक 55:3
4
عَلَّمَهُ ٱلْبَيَانَ
उसे बात करना सिखाया।
लिंक 55:4
5
ٱلشَّمْسُ وَٱلْقَمَرُ بِحُسْبَانٍۢ
सूर्य तथा चंद्रमा एक हिसाब से चल रहे हैं।
लिंक 55:5
6
وَٱلنَّجْمُ وَٱلشَّجَرُ يَسْجُدَانِ
तथा बिना तने के पौधे और पेड़ सजदा करते हैं।
लिंक 55:6
7
وَٱلسَّمَآءَ رَفَعَهَا وَوَضَعَ ٱلْمِيزَانَ
और उसने आकाश को ऊँचा किया और न्याय का संतुलन स्थापित किया।[1]
फ़ुटनोट[1] (देखिए : सूरतुल-ह़दीद, आयत : 25) अर्थ यह है कि धरती में न्याय का नियम बनाया और उसके पालन का आदेश दिया।
लिंक 55:7
8
أَلَّا تَطْغَوْا۟ فِى ٱلْمِيزَانِ
ताकि तुम माप-तौल में अति न करो।
लिंक 55:8
9
وَأَقِيمُوا۟ ٱلْوَزْنَ بِٱلْقِسْطِ وَلَا تُخْسِرُوا۟ ٱلْمِيزَانَ
तथा न्याय के साथ तौल को सीधा रखो और माप-तौल में कमी न करो।
लिंक 55:9
10
وَٱلْأَرْضَ وَضَعَهَا لِلْأَنَامِ
और उसने धरती को सृष्टि के लिए (रहने योग्य) बनाया।
लिंक 55:10
11
فِيهَا فَـٰكِهَةٌۭ وَٱلنَّخْلُ ذَاتُ ٱلْأَكْمَامِ
उसमें फल हैं, तथा आवरणों वाले खजूर के वृक्ष हैं।
लिंक 55:11
12
وَٱلْحَبُّ ذُو ٱلْعَصْفِ وَٱلرَّيْحَانُ
और भूसे वाले अन्न तथा सुगंधित पौधे हैं।
लिंक 55:12
13
فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
लिंक 55:13
14
خَلَقَ ٱلْإِنسَـٰنَ مِن صَلْصَـٰلٍۢ كَٱلْفَخَّارِ
उसने मनुष्य को ठीकरी की तरह बजने वाली मिट्टी से पैदा किया।
लिंक 55:14
15
وَخَلَقَ ٱلْجَآنَّ مِن مَّارِجٍۢ مِّن نَّارٍۢ
तथा जिन्नों को आग की ज्वाला से पैदा किया।
लिंक 55:15
16
فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
लिंक 55:16
17
رَبُّ ٱلْمَشْرِقَيْنِ وَرَبُّ ٱلْمَغْرِبَيْنِ
(वह) सूर्योदय[2] के दोनों स्थानों तथा सूर्यास्त के दोनों स्थानों का रब है।
फ़ुटनोट[2] गर्मी तथा जाड़े में सूर्योदय तथा सूर्यास्त के स्थानों का। इससे अभिप्राय पूर्व तथा पश्चिम की दिशा नहीं है।
लिंक 55:17
18
فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
लिंक 55:18
19
مَرَجَ ٱلْبَحْرَيْنِ يَلْتَقِيَانِ
उसने दो सागरों को मिला दिया, जो (देखने में) आपस में मिलते हैं।
लिंक 55:19
20
بَيْنَهُمَا بَرْزَخٌۭ لَّا يَبْغِيَانِ
उन दोनों के बीच एक अवरोध है (जिससे) वे आगे नहीं बढ़ते।
लिंक 55:20
21
فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
लिंक 55:21
22
يَخْرُجُ مِنْهُمَا ٱللُّؤْلُؤُ وَٱلْمَرْجَانُ
उन दोनों से मोती और मूँगा निकलते हैं।
लिंक 55:22
23
فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
लिंक 55:23
24
وَلَهُ ٱلْجَوَارِ ٱلْمُنشَـَٔاتُ فِى ٱلْبَحْرِ كَٱلْأَعْلَـٰمِ
तथा उसी के अधिकार में हैं समुद्र में चलने वाले पहाड़ों जैसे जहाज़।
लिंक 55:24
25
فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
लिंक 55:25
26
كُلُّ مَنْ عَلَيْهَا فَانٍۢ
हर कोई जो इस (धरती) पर है, नष्ट होने वाला है।
लिंक 55:26
27
وَيَبْقَىٰ وَجْهُ رَبِّكَ ذُو ٱلْجَلَـٰلِ وَٱلْإِكْرَامِ
तथा आपके पालनहार का चेहरा बाक़ी रहेगा, जो बड़ी महिमा और सम्मान वाला है।
लिंक 55:27
28
فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
लिंक 55:28
29
يَسْـَٔلُهُۥ مَن فِى ٱلسَّمَـٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ ۚ كُلَّ يَوْمٍ هُوَ فِى شَأْنٍۢ
उसी से माँगता है, जो कोई आकाशों तथा धरती में है। वह प्रतिदिन एक (नए) कार्य में है।[3]
फ़ुटनोट[3] अर्थात वह अपनी उत्पत्ति की आवश्यकताएँ पूरी करता, प्रार्थनाएँ सुनता, सहायता करता, रोगी को निरोग करता, अपनी दया प्रदान करता, तथा अपमान-सम्मान और विजय-प्राजय देता और अनगिनत कार्य करता है।
लिंक 55:29
30
فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
लिंक 55:30
31
سَنَفْرُغُ لَكُمْ أَيُّهَ ٱلثَّقَلَانِ
हम जल्द ही तुम्हारे लिए फ़ारिग़ होंगे[4] ऐ दो भारी समूहो! (जिन्नो और इनसानो!)[5]
फ़ुटनोट[4] इस वाक्या का अर्थ मुह़ावरे में धमकी देना और सावधान करना है। [5] इसमें प्रलय के दिन की ओर संकेत है जब सब मनुष्यों और जिन्नों के कर्मों का ह़िसाब लिया जाएगा।
लिंक 55:31
32
فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
लिंक 55:32
33
يَـٰمَعْشَرَ ٱلْجِنِّ وَٱلْإِنسِ إِنِ ٱسْتَطَعْتُمْ أَن تَنفُذُوا۟ مِنْ أَقْطَارِ ٱلسَّمَـٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ فَٱنفُذُوا۟ ۚ لَا تَنفُذُونَ إِلَّا بِسُلْطَـٰنٍۢ
ऐ जिन्न तथा मनुष्य के समूह! यदि तुम आकाशों तथा धरती के किनारों से निकल सकते हो, तो निकल भागो, (परंतु) तुम शक्ति (प्रभुत्व) के बिना नहीं निकल सकोगे।[6]
फ़ुटनोट[6] अर्थ यह है कि अल्लाह की पकड़ से बच निकलना तुम्हारे बस में नहीं है।
लिंक 55:33
34
فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
लिंक 55:34
35
يُرْسَلُ عَلَيْكُمَا شُوَاظٌۭ مِّن نَّارٍۢ وَنُحَاسٌۭ فَلَا تَنتَصِرَانِ
तुम दोनों पर आग का ज्वाला तथा धुआँ छोड़ा जाएगा। फिर तुम अपने आपको बचा नहीं सकोगे।
लिंक 55:35
36
فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
लिंक 55:36
37
فَإِذَا ٱنشَقَّتِ ٱلسَّمَآءُ فَكَانَتْ وَرْدَةًۭ كَٱلدِّهَانِ
फिर जब आकाश फट जाएगा, तो वह तेल की तरह लाल हो जाएगा।
लिंक 55:37
38
فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
लिंक 55:38
39
فَيَوْمَئِذٍۢ لَّا يُسْـَٔلُ عَن ذَنۢبِهِۦٓ إِنسٌۭ وَلَا جَآنٌّۭ
फिर उस दिन न किसी मनुष्य से उसके गुनाह के बारे में पूछा जाएगा और न किसी जिन्न से।
लिंक 55:39
40
فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
लिंक 55:40
41
يُعْرَفُ ٱلْمُجْرِمُونَ بِسِيمَـٰهُمْ فَيُؤْخَذُ بِٱلنَّوَٰصِى وَٱلْأَقْدَامِ
अपराधियों की पहचान उनके चिह्नों से होगी, फिर माथे के बालों और पैरों से (उन्हें) पकड़ा जाएगा।
लिंक 55:41
42
فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
लिंक 55:42
43
هَـٰذِهِۦ جَهَنَّمُ ٱلَّتِى يُكَذِّبُ بِهَا ٱلْمُجْرِمُونَ
यही है वह जहन्नम, जिसे अपराधी लोग झुठलाते थे।
लिंक 55:43
44
يَطُوفُونَ بَيْنَهَا وَبَيْنَ حَمِيمٍ ءَانٍۢ
वे उसके और खौलते हुए पानी के बीच चक्कर लगा रहे होंगे।
लिंक 55:44
45
فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
लिंक 55:45
46
وَلِمَنْ خَافَ مَقَامَ رَبِّهِۦ جَنَّتَانِ
और जो व्यक्ति अपने पालनहार के समक्ष खड़े होने से डर गया, उसके लिए दो बाग़ हैं।
लिंक 55:46
47
فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
लिंक 55:47
48
ذَوَاتَآ أَفْنَانٍۢ
दोनों बहुत शाखाओं वाले हैं।
लिंक 55:48
49
فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
लिंक 55:49
50
فِيهِمَا عَيْنَانِ تَجْرِيَانِ
उन दोनों में दो जल स्रोत बहते हैं।
लिंक 55:50
51
فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
लिंक 55:51
52
فِيهِمَا مِن كُلِّ فَـٰكِهَةٍۢ زَوْجَانِ
उन दोनों में प्रत्येक फल के दो प्रकार हैं।
लिंक 55:52
53
فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
लिंक 55:53
54
مُتَّكِـِٔينَ عَلَىٰ فُرُشٍۭ بَطَآئِنُهَا مِنْ إِسْتَبْرَقٍۢ ۚ وَجَنَى ٱلْجَنَّتَيْنِ دَانٍۢ
ऐसे बिस्तरों पर तकिए लगाए होंगे, जिनके स्तर मोटे रेशम के हैं और दोनों बाग़ों के फल निकट हैं।
लिंक 55:54
55
فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
लिंक 55:55
56
فِيهِنَّ قَـٰصِرَٰتُ ٱلطَّرْفِ لَمْ يَطْمِثْهُنَّ إِنسٌۭ قَبْلَهُمْ وَلَا جَآنٌّۭ
उनमें नीची निगाहों वाली औरतें हैं, जिन्हें उनसे पहले न किसी मनुष्य ने हाथ लगाया है और न किसी जिन्न ने।
लिंक 55:56
57
فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
लिंक 55:57
58
كَأَنَّهُنَّ ٱلْيَاقُوتُ وَٱلْمَرْجَانُ
मानो वे (स्त्रियाँ) माणिक और मूँगा हैं।
लिंक 55:58
59
فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
लिंक 55:59
60
هَلْ جَزَآءُ ٱلْإِحْسَـٰنِ إِلَّا ٱلْإِحْسَـٰنُ
एहसान का बदला एहसान के सिवा क्या है?
लिंक 55:60
61
فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
लिंक 55:61
62
وَمِن دُونِهِمَا جَنَّتَانِ
तथा इन दो (बाग़ों) के अलावा और दो बाग़ हैं।
लिंक 55:62
63
فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
लिंक 55:63
64
مُدْهَآمَّتَانِ
दोनों गहरे हरे रंग के हैं।
लिंक 55:64
65
فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
लिंक 55:65
66
فِيهِمَا عَيْنَانِ نَضَّاخَتَانِ
उन दोनों में जोश मारते हुए दो जल स्रोत हैं।
लिंक 55:66
67
فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
लिंक 55:67
68
فِيهِمَا فَـٰكِهَةٌۭ وَنَخْلٌۭ وَرُمَّانٌۭ
उन दोनों में फल तथा खजूर के पेड़ और अनार हैं।
लिंक 55:68
69
فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
लिंक 55:69
70
فِيهِنَّ خَيْرَٰتٌ حِسَانٌۭ
उनमें कई अच्छे व्यवहार वाली, खूबसूरत महिलाएं हैं।
लिंक 55:70
71
فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
लिंक 55:71
72
حُورٌۭ مَّقْصُورَٰتٌۭ فِى ٱلْخِيَامِ
हूरें (यानी गोरे बदन, काली आँखों वाली औरतें), जो खेमों में रोकी हुई हैं।
लिंक 55:72
73
فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
लिंक 55:73
74
لَمْ يَطْمِثْهُنَّ إِنسٌۭ قَبْلَهُمْ وَلَا جَآنٌّۭ
उनसे पहले न तो किसी मनुष्य ने उन्हें छुआ है और न ही किसी जिन्न ने।[7]
फ़ुटनोट[7] ह़दीस में है कि यदि स्वर्ग की कोई सुंदरी संसार वासियों की ओर झाँक दे, तो दोनों के बीच उजाला हो जाए और उन्हें सुगंध से भर दे। (सह़ीह़ बुख़ारी शरीफ़ : 2796)
लिंक 55:74
75
فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
लिंक 55:75
76
مُتَّكِـِٔينَ عَلَىٰ رَفْرَفٍ خُضْرٍۢ وَعَبْقَرِىٍّ حِسَانٍۢ
वे हरी और उत्कृष्ट एवं अति सुंदर क़ालीनों पर तकिया लगाए होंगे।
लिंक 55:76
77
فَبِأَىِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
लिंक 55:77
78
تَبَـٰرَكَ ٱسْمُ رَبِّكَ ذِى ٱلْجَلَـٰلِ وَٱلْإِكْرَامِ
बहुत बरकत वाला है आपके पालनहार का नाम, जो बड़ी महिमा और सम्मान वाला है।
लिंक 55:78

Niyat ऐप में रोज़ पढ़ें और सुनें, नमाज़ के समय, क़िबला और आपकी पढ़ाई की जगह सेव रहती है।

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